ई-ग्रामस्वराज से ₹3 लाख करोड़ भुगतान, सभासार अब 23 भाषाओं में उपलब्ध

Tue 31-Mar-2026,05:34 PM IST +05:30

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ई-ग्रामस्वराज से ₹3 लाख करोड़ भुगतान, सभासार अब 23 भाषाओं में उपलब्ध Egramswaraj-Sabhasaar-Digital-Panchayat
  • AI आधारित SabhaSaar टूल अब 23 भाषाओं में उपलब्ध, ग्राम सभा कार्यवाही को स्थानीय भाषाओं में रिकॉर्ड कर सहभागिता और पारदर्शिता में वृद्धि।

  • PFMS से एकीकृत सिस्टम के जरिए 2.5 लाख से अधिक पंचायतों में डिजिटल भुगतान और योजनाओं का कुशल प्रबंधन संभव हुआ।

Delhi / Delhi :

Delhi/ पंचायती राज मंत्रालय ने देशभर में डिजिटल और समावेशी ग्रामीण शासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। eGramSwaraj प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक ₹3 लाख करोड़ से अधिक भुगतान किए जा चुके हैं, जबकि AI आधारित SabhaSaar टूल को 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध करा दिया गया है।

eGramSwaraj प्लेटफॉर्म, जिसे ई-पंचायत मिशन मोड प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है, पंचायत स्तर पर योजना, लेखांकन और व्यय प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाता है। पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के साथ इसके एकीकरण से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित हुई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ₹53,342 करोड़ का भुगतान किया गया। देशभर की 2,55,254 ग्राम पंचायतों ने अपनी विकास योजनाएं इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड की हैं। कुल 2,59,798 पंचायती राज संस्थानों में से 2,50,807 ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को अपनाया है। इस प्लेटफॉर्म पर 1.6 करोड़ से अधिक विक्रेता पंजीकृत हैं, जो इसके व्यापक उपयोग और स्वीकार्यता को दर्शाता है। इससे नकद आधारित और कागजी प्रक्रियाओं की जगह तेज, पारदर्शी और सुरक्षित डिजिटल प्रणाली ने ले ली है।

दूसरी ओर, SabhaSaar टूल ने ग्राम सभा संचालन में क्रांति ला दी है। यह AI आधारित वॉयस-टू-टेक्स्ट तकनीक का उपयोग कर मीटिंग के मिनट्स, उपस्थिति और प्रस्तावों को स्वतः रिकॉर्ड करता है। अब यह 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे स्थानीय भाषा में कार्यवाही दर्ज करना संभव हुआ है। 29 जनवरी 2026 तक, 1,11,486 ग्राम पंचायतें इस टूल का उपयोग कर चुकी हैं। इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है, जहां इसे टेक्नोलॉजी और गवटेक अवॉर्ड्स में सम्मानित किया गया है।  विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से न केवल वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक भागीदारी भी मजबूत होगी। यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।